यह जीवन है .....
प्रदीप कुमार पाण्डेय
July 24, 2020
0 Comments
हम उस दबाव को देख नहीं सकते जो सामने वाला झेल रहा है, और ठीक उसी तरह सामने वाला भी उस दर्द को नहीं देख सकता जिसमें हम हैं।
यह जीवन है, भले ही यह काम, परिवार, भावनाओं, दोस्तों, के साथ हो, हमें एक-दूसरे को समझने की कोशिश करनी चाहिए, अलग
अलग सोचना, एक-दूसरे के बारे में सोचना और बेहतर तालमेल
बिठाना चाहिए।
हर व्यक्ति अपने जीवन में अपनी लड़ाई लड़ रहा है और सबके अपने अपने दुःख हैं। इसीलिए कम से कम जब हम अपनों से मिलते हैं तब एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करने के बजाय एक दूसरे को प्यार, स्नेह और साथ रहने की खुशी का एहसास दें, जीवन की इस यात्रा को लड़ने की बजाय प्यार और भरोसे पर आसानी से पार किया जा सकता है।
